VISHWA JEET KASHYAP
Wednesday, 7 June 2017
बेहतरीन बारिश
सतरंगी अरमानों वाले,
सपने दिल में पलते हैं,
आशा और निराशा की,
धुन में रोज मचलते हैं,
बरस-बरस के सावन सोंचे,
प्यास मिटाई दुनिया की,
वो क्या जाने दीवाने तो सावन में ही जलते है।
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